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तुम ही कहानी तुम ही उजास इसकी रहेगा इतहास को सदा याद आंशिक प्रेम की ये कहानी। तुम ही कहानी तुम ही उजास इसकी रहेगा इतहास को सदा याद आंशिक प्रेम की ये क...
कहता है कौन, कि बदकिस्मत हो तुम, अपने हाथों पे लकीरें, बना कर तो देखो...! कहता है कौन, कि बदकिस्मत हो तुम, अपने हाथों पे लकीरें, बना कर तो देखो...!
सब गलत बस एक तुम हो सही, बस एक यही सोच ही तो सही नहीं। सब गलत बस एक तुम हो सही, बस एक यही सोच ही तो सही नहीं।
कुछ अधूरे किस्से टूटे हुए दिल के कुछ बिखरे हुए हिस्से कुछ अधूरे किस्से टूटे हुए दिल के कुछ बिखरे हुए हिस्से
जज्बात समेटते रह गए खामोशी भेद सारा बोल पड़ी। जज्बात समेटते रह गए खामोशी भेद सारा बोल पड़ी।